Noida Authority: नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक आज सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में हुई। बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की। बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों समेत बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक में शहर के विकास, वित्तीय प्रबंधन, रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं, औद्योगिक इकाइयों, कचरा निस्तारण और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। वित्तीय प्रगति की समीक्षा बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 31 अगस्त 2026 तक नोएडा प्राधिकरण की वित्तीय और भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई। विभागवार आय, भुगतान और शहर में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। बोर्ड ने अधिकारियों को तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। नोएडा प्राधिकरण ने शहर की लंबे समय तक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और जलापूर्ति, सफाई, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के बेहतर रखरखाव के लिए वन टाइम लीज रेंट-कॉर्पस फंड (OTLR-CF) की व्यवस्था को मंजूरी दी है। रुकी परियोजनाओं पर बड़ा कदम इसके तहत एकमुश्त भू-भाड़े से मिलने वाली गैर-आवर्ती आय का अलग से लेखांकन, निवेश और निगरानी की जाएगी। इस फंड का इस्तेमाल शहर की जरूरी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव को लगातार बेहतर बनाए रखने के लिए किया जाएगा। बोर्ड बैठक में पुरानी और लंबे समय से रुकी हुई रियल एस्टेट परियोजनाओं को पूरा करने के लिए लागू नीति की प्रगति की भी समीक्षा की गई। 25 प्रतिशत देय राशि जमा करने वाले 23 आवंटियों को बाकी 75 प्रतिशत राशि जमा कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। रजिस्ट्री और वसूली में तेजी प्राधिकरण के अनुसार अब तक 36 परियोजनाओं से करीब 540.75 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। अन्य आंशिक भुगतानों को मिलाकर कुल 561.35 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं। बोर्ड ने लंबित परियोजनाओं से वसूली तेज करने और फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की औद्योगिक इकाइयों से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं को एक समान बनाने की दिशा में भी कदम उठाया है। यूनिफाइड रेगुलेशंस-2025 के तहत ट्रांसफर शुल्क, औद्योगिक इकाइयों को शुरू करने की समयसीमा और अन्य शुल्क व प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने पर विचार किया गया। पुलिस कमिश्नरेट को जमीन आवंटित इस संबंध में दोनों प्राधिकरणों के अधिकारियों की एक समिति गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह समिति औद्योगिक नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल और एक समान बनाने पर काम करेगी। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के कार्यालय के लिए नोएडा के सेक्टर-153 में करीब 13,347.18 वर्गमीटर जमीन आवंटित करने का फैसला लिया गया है। इस जमीन पर पुलिस कमिश्नर कार्यालय से संबंधित सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। कचरे से बनेगी ऊर्जा वही नोएडा में सूखे और आरडीएफ कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के लिए सेक्टर-145 में 100 टन प्रतिदिन क्षमता की थर्मोलिसिस आधारित इंटीग्रेटेड वेस्ट-टू-एनर्जी और रिसोर्स रिकवरी फैसिलिटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के लिए ईओआई और आरएफपी प्रक्रिया के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसका उद्देश्य कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के साथ-साथ उससे उपयोगी संसाधन और ऊर्जा प्राप्त करना है। बिटुमिन दरों में बदलाव मध्य-पूर्व क्षेत्र में संघर्ष के कारण बिटुमिन की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी को देखते हुए सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन आधारित कार्यों की दरों के पुनर्निर्धारण और मूल्य समायोजन का फैसला लिया गया है। प्राधिकरण का मानना है कि इससे सड़क निर्माण से जुड़े टेंडरों में अधिक भागीदारी होगी। मानसून के बाद सड़क निर्माण कार्यों को समय पर शुरू करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। नर्सरी का होगा आधुनिकीकरण सेक्टर-8 स्थित करीब 8 एकड़ की नर्सरी को आधुनिक तरीके से विकसित करने का फैसला लिया गया है। यह काम बिल्ड-अप, ऑपरेशन और मेंटेनेंस यानी BOM मॉडल पर कराया जाएगा। ईओआई और आरएफपी के माध्यम से एजेंसी का चयन किया जाएगा। नर्सरी को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के साथ नागरिकों के लिए विभिन्न प्रकार के पौधों की एकीकृत सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा। सब्सीक्वेंट मेंबर्स को बड़ी राहत सहकारी आवास समितियों को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर बने फ्लैटों में रहने वाले सब्सीक्वेंट मेंबर्स यानी बाद में संपत्ति लेने वाले वर्तमान कब्जाधारकों की समस्याओं के समाधान के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई है। अब समिति की एनओसी, ट्रांसफर शुल्क और निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर त्रिपक्षीय उप-पट्टा दस्तावेज का पंजीकरण किया जा सकेगा। इससे वैध कब्जाधारकों को संपत्ति के दस्तावेज मिलने का रास्ता साफ होगा। साथ ही स्टांप ड्यूटी की प्रक्रिया सुनिश्चित होने और लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान की उम्मीद है। किसानों को बढ़ा मुआवजा नोएडा के समग्र विकास में किसानों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड ने आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाने वाली जमीन के मुआवजे में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब किसानों को 6,459 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा और इसके साथ 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड का लाभ भी मिलेगा। पहले किसानों को 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के बिना 5,324 रुपये प्रति वर्गमीटर और आबादी भूखंड के साथ 4,224 रुपये प्रति वर्गमीटर का लाभ दिया जाता था। नई दर से किसानों को लाभ प्राधिकरण बोर्ड ने प्रचलित दर में एकमुश्त करीब 53 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए नई दर 6,459 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है। डीएनजीआईआर यानी न्यू नोएडा के विकास के लिए भी किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की व्यवस्था तय की गई है। फेज-1 और फेज-2 में किसानों को मुआवजा दर के साथ 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की व्यवस्था के अनुरूप दिया जाएगा। किसानों को विकास में हिस्सेदारी वहीं फेज-3 और फेज-4 में किसानों को मुआवजा दर के साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की व्यवस्था के अनुरूप मिलेगा। बोर्ड का उद्देश्य किसानों को केवल उनकी जमीन का मूल्य देना नहीं, बल्कि उन्हें नोएडा और न्यू नोएडा के विकास तथा भविष्य की आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनाना है। ये भी पढ़ें: सोते बच्चे पर कमरे की छत का गिरा हिस्सा, ग्रेटर नोएडा सोसायटी में बड़ा खतरा